बम धमकी मिलना डराने वाला अनुभव होता है। घबराहट में अक्सर लोग गलत कदम उठा लेते हैं जो खुद और दूसरों के लिए खतरनाक हो सकता है। यहां आसान, व्यवहारिक और तुरंत लागू करने वाले तरीके दिए जा रहे हैं—ताकि आप शांत रहें और सही निर्णय ले सकें।
अगर आपको किसी कॉल, ई‑मेल या संदेश में बम धमकी मिले तो सबसे पहले शांत रहें। कॉल के दौरान जितना हो सके बातें रिकॉर्ड करने की कोशिश करें: caller का नंबर, आवाज की पहचान, धमकी देने का तरीका और कोई भी समय‑सीमा। अगर कॉल लाइव है तो फोन पर पूछें कि धमकी किसके लिए है और कॉल खत्म होते ही तुरंत नंबर सेव कर लें।
संदेश या ई‑मेल मिलने पर उसे डिलीट मत करें। स्क्रीनशॉट लें, ई‑मेल का पूरा हेडर सुरक्षित करें और किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। संदिग्ध अटैचमेंट को कभी न खोलें। डिजिटल सबूत पुलिस और साइबर सेल के काम आते हैं।
यदि आपको बता हुआ स्थान ही धमकी का निशाना है तो वहां मौजूद लोगों को शांतिपूर्वक निकालें। दौड़ना या भगदड़ मचाना और अफवाह फैलाना नुकसानदेह हो सकता है। परिचित लोगों को व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित दूरी पर भेजें और मार्गों को स्पष्ट रखें। किसी संदिग्ध बैग या पैकेज पर हाथ न लगाएं, उसे हिलाएं या खोलें नहीं। फोन की आवाज़ और कैमरे का इस्तेमाल सीमित रखें—क्योंकि कुछ उपकरण संवेदनशील होते हैं।
सुरक्षा के लिए तुरंत 112 या स्थानीय पुलिस नंबर पर कॉल करें। पुलिस आने तक किसी भी प्रकार की चंचल गतिविधि न करें। जगह को सुरक्षित रखना, मार्गों को रोका रखना और बाहर से रुकने वाले लोगों को हटाना महत्वपूर्ण है।
बम धमकी सीधी अपराध की श्रेणी में आती है। पुलिस, बम निरोधक दस्ते और साइबर सेल मिलकर जांच करते हैं। आप 112/100 कॉल कर सकते हैं और स्थानीय साइबर सेल को भी सूचित कर दें अगर धमकी ई‑मेल या मैसेज के रूप में आए। मीडिया को तभी जानकारी दें जब पुलिस ने अनुमति दी हो—गलत जानकारी से अफवाहें फैल जाती हैं और जांच प्रभावित होती है।
यदि आप किसी संस्था (स्कूल, मेडिकल सेंटर, मॉल) में हैं तो स्थानीय सुरक्षा प्रोटोकॉल फॉलो करें। संस्थागत सुरक्षा योजनाएँ अक्सर क्षेत्र‑विशेष निर्देश देती हैं—उनका पालन तेज और सुरक्षित निकासी में मदद करता है।
समाचार प्रारंभ पर हम बम धमकी और सुरक्षा घटनाओं की ताज़ा कवरेज देते हैं। संबंधित कवरेज पढ़ें: “गौतम गंभीर को 'ISIS कश्मीर' से मिली धमकी, दिल्ली पुलिस अलर्ट पर” (खबर ID: 72295) — यह मामला दिखाता है कि कैसे साइबर और ई‑मेल के जरिए धमकी दी जा सकती है और पुलिस ने कैसे प्रतिक्रिया दी। आप हमारी साइट पर किसी भी नई चेतावनी या आधिकारिक अपडेट के लिए विज़िट करते रहें।
आखिर में, सबसे अहम बात: धमकी मिलने पर त्वरित, शांत और संगठित प्रतिक्रिया ही जान बचाती है। व्यक्तिगत जांच या सोशल शेयर करने से पहले हमेशा पुलिस से पुष्टि लें। यदि आप किसी संदिग्ध गतिविधि के बारे में अनिश्चित हैं, तुरंत अधिकारियों को सूचित कर दें—बेहतर है कि यह गलत अलर्ट साबित हो, बजाय इसके कि कोई नुक़सान हो।
शनिवार को नोएडा के डीएलएफ मॉल और गुड़गांव के एंबियंस मॉल को बम धमकी मिलने के बाद, पुलिस और बम स्क्वाड को तुरंत तैनात किया गया। नोएडा के सेक्टर 18 स्थित डीएलएफ मॉल को एहतियातन खाली कराया गया, जिससे मॉल में खलबली मच गई। प्रशासन इस धमकी की प्रामाणिकता की जांच कर रहा है।