अचानक छुट्टी की घोषणा से काम रुकना और योजनाएँ बिगड़ना आम बात है। सार्वजनिक अवकाश यानी राष्ट्रीय, राज्यीय या धार्मिक वजह से निर्धारित छुट्टियाँ अक्सर ऑफिस, बैंक, स्कूल और शेयर बाजार पर सीधा असर डालती हैं। यहाँ आसान भाषा में बता रहा हूँ कि आपको किस बात का ध्यान रखना चाहिए और कैसे जल्दी तैयार हो सकते हैं।
हर साल देशभर और राज्यों के स्तर पर अलग-अलग छुट्टियाँ होती हैं। कुछ छुट्टियाँ केंद्रीय सूची में होती हैं, कुछ राज्यों के अनुसार बदलती हैं। इसके अलावा RBI बयानों पर बैंक हॉलीडे तय होते हैं और BSE/NSE अपनी सूची के मुताबिक ट्रेडिंग बंद करते हैं। उदाहरण के तौर पर 18 अप्रैल 2025 को गुड फ्राइडे के कारण शेयर बाजार तीन दिन बंद रहे — इस तरह के अपडेट समय पर देखने से परेशानी कम हो जाती है।
जब शेयर बाजार बंद रहता है तो ट्रेडिंग नहीं होती लेकिन वैश्विक मार्केट और खबरें आपके निवेश पर असर डाल सकती हैं। ऐसे दिनों में अगर कोई बड़ी कंपनी या अर्थनीति से जुड़ा समाचार आता है, तो मार्केट खुलने पर भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसलिए छुट्टी से पहले अनावश्यक पोजीशन लेने से बचें और अपने ओपन ऑर्डर चेक कर लें।
बैंकों के बंद रहने से NEFT/RTGS जैसी सेवा पर असर पड़ता है और कई सरकारी काम रुक जाते हैं। यदि किसी नियत तारीख में भुगतान करना है तो छुट्टी से पहले ट्रांज़ैक्शन कर लें या डिजिटल भुगतान का सहारा लें। ध्यान रखें कि कुछ अनिवार्य सेवाएँ जैसे ATM काम करती रहती हैं, पर ब्रांच काउंटर बंद रहेंगे।
छुट्टी आने पर सबसे जरूरी है थोड़ा पहले से प्लानिंग करना। यहाँ कुछ आसान टिप्स हैं:
समाचार प्रारंभ पर आप सार्वजनिक अवकाश टैग पेज पर संबंधित खबरें और प्रभाव की रिपोर्ट पढ़ सकते हैं। हम ऐसे ही अपडेट देते रहते हैं—जैसे शेयर बाजार की बंदी, बैंक नोटिस या बड़े राष्ट्रीय छुट्टियों के असर की ख़बरें।
छुट्टी का फायदा आराम और परिवार के साथ समय बिताने के लिए लें, पर छोटे-छोटे कामों की तैयारी करके आप परेशानियों से बच सकते हैं। अगर आप चाहें तो इस पेज को बुकमार्क कर लें—जब भी कोई बड़ा सार्वजनिक अवकाश आएगा, यहाँ ताज़ा खबर और उपयोगी सुझाव मिलेंगे।
केरल राज्य में मुहर्रम के अवसर पर 16 जुलाई को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। यह दिन इस्लामिक नव वर्ष की शुरुआत को दर्शाता है और मुस्लिम समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन को श्रद्धा और आदर के साथ मनाने के लिए राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है।