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भारतीय वायु सेना: ताकत, तकनीक और देश की हवाई शक्ति

भारतीय वायु सेना एक भारतीय वायु सेना, भारत की सशस्त्र बलों की हवाई शाखा है जो देश की आकाशीय सुरक्षा, रणनीतिक बमबारी और त्वरित विमानन समर्थन की जिम्मेदारी संभालती है. इसे आईएएफ (Indian Air Force) के नाम से भी जाना जाता है, और यह दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे सक्रिय वायु सेनाओं में से एक है। यह सिर्फ लड़ाकू विमानों का झुंड नहीं है—यह रडार सिस्टम, ड्रोन, सैटेलाइट और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के साथ एक बहुआयामी नेटवर्क है जो हर घंटे देश की सीमाओं की निगरानी करता है।

भारतीय वायु सेना की ताकत का आधार है उसके लड़ाकू विमान, जैसे रूसी सु-30 मिग-29, फ्रेंच राफेल और भारतीय तेजस, जो विभिन्न ऊँचाइयों और दूरियों पर दुश्मन को निशाना बनाते हैं. ये विमान सिर्फ लड़ाई के लिए नहीं, बल्कि त्वरित आपातकालीन बचाव, बचाव अभियान और सीमा पर निगरानी के लिए भी इस्तेमाल होते हैं। उनके साथ जुड़े हैं रडार सिस्टम, जो दुश्मन के विमानों को हजारों किलोमीटर दूर से पकड़ लेते हैं, और यह भारत के लिए एक जानलेवा फायदा है। आईएएफ के अभ्यास, जैसे ऑपरेशन शक्ति या वायु सेना अभ्यास, देश के साथ ही पड़ोसी देशों के साथ भी जुड़े होते हैं, जिससे सामरिक सहयोग बढ़ता है।

आप यहाँ उन खबरों को पाएँगे जो भारतीय वायु सेना की ताकत को दिखाती हैं—कैसे नए विमान अपग्रेड हो रहे हैं, कौन से रडार लगाए जा रहे हैं, और कौन से अभ्यास देश की सुरक्षा को मजबूत कर रहे हैं। ये खबरें सिर्फ तकनीकी जानकारी नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा के बारे में आपकी समझ बदल देती हैं। यहाँ आपको ऐसे रिपोर्ट्स मिलेंगे जो सिर्फ विमानों के बारे में नहीं, बल्कि उनके इस्तेमाल के पीछे की रणनीति, तैनाती और देश के लिए उनकी भूमिका के बारे में हैं। ये सभी खबरें एक ही बात को साबित करती हैं: भारत की हवाई शक्ति कभी आराम नहीं करती।

दुबई एयर शो 2025 में भारतीय वायु सेना का तेजस विमान एयरोबेटिक मैन्यूवर के दौरान क्रैश हो गया, जिसमें पायलट विंग कमांडर नमन सियाल की मौत हो गई। यह तेजस के 24 साल के इतिहास में दूसरी दुर्घटना है।