ऊपर

सादा अंतिम संस्कार: सम्मान के साथ साधारण तरीका

अंतिम संस्कार हो या दाह संस्कार, हर परिवार चाहता है कि विदाई शांतिपूर्ण और अर्थपूर्ण हो। सादा अंतिम संस्कार का मतलब है अनावश्यक शोर-शराबा और महंगी रस्मों से बचकर एक सरल, सम्मानजनक विदाई देना। इससे खर्च घटता है, तैयारी आसान होती है और पारिवारिक तनाव कम रहता है।

सादा अंतिम संस्कार कैसे करें — चरणबद्ध गाइड

पहला कदम: परिवार की इच्छा समझें। अक्सर मरने वाले ने अपनी इच्छाएँ लिखकर नहीं छोड़ी होतीं। परिवार से चर्चा कर तय करें कि क्या दाह करना है या दफनाना।

दूसरा कदम: जरूरी कागजात और मेडिकल प्रमाण। मृत्यु प्रमाण-पत्र, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट (अगर लागू हो), और नजदीकी अस्पताल या सिविल अथॉरिटी से मिलने वाले दस्तावेज़ जुटाएँ। नगर निगम या पंचायत की नियमावली भी चेक कर लें।

तीसरा कदम: साधारण तैयारी। कपड़े, तख्ते/काफन, और फूल सीमित रखें। अगर दाह है तो छोटे से क्रोकेट या स्थानीय चमन तक सीमित शोकाकुल कार्यक्रम करें। यदि दफनाना है तो नजदीकी कब्रिस्तान या निजी भूमि के नियम देखें और खुदाई के लिए स्थानीय ठेकेदार चुनें।

चौथा कदम: धार्मिक या सांस्कृतिक रीति। परिवार के माता-पिता या धर्मगुरु से परामर्श कर लें कि कौन-सी अनुष्ठान आवश्यक हैं और कौन-कौन से हटाए जा सकते हैं। अक्सर पाँच या सात मंत्र, छोटी प्रार्थना और सामूहिक मौन ही काफी होती है।

पाँचवा कदम: सूचना और व्यवस्थापन। रिश्तेदारों को फोन या संदेश से सूचित करें, सोशल मीडिया पर शोक संदेश सीमित रखें। भोजन और मेहमानों की संख्या नियंत्रित रखें ताकि खर्च कम रहे और व्यवस्थापन सरल रहे।

कानूनी, धार्मिक और पर्यावरणीय बातें

कानूनी रूप से स्थानीय नगर निगम के नियम मानने जरूरी हैं। कई शहरों में दाह-दान स्थान और समय तय होते हैं। अगर आप ग्रीन बरीअल (पर्यावरण के अनुकूल दफनाना) चुन रहे हैं, तो पारंपरिक तेज़ जलने वाले संसाधनों से बचें और बायोडिग्रेडेबल कफ़न/तख्ते का उपयोग करें।

धार्मिक दृष्टि से, सरल अनुष्ठान परिवार की श्रद्धा बनाए रखते हैं। बहुत से पुरखों के अनुसार, धैर्य और सम्मान ही सबसे बड़ा संस्कार है — जटिल रस्मों से ज्यादा अंतर नहीं पड़ता।

पर्यावरण की बात करें तो सादा अंतिम संस्कार कार्बन फुटप्रिंट घटाने में मदद करता है। लकड़ी की कम खपत, रासायनिक नहीं शामिल होना और स्थानीय संसाधनों का सीमित उपयोग अर्थपूर्ण परिणाम देता है।

अंत में, एक छोटा चेकलिस्ट काम आएगा: 1) मरने वाले की इच्छाएँ नोट करें, 2) आवश्यक कागजात इकट्ठा करें, 3) सीमित मात्रा में मेहमान और खान-पान तय करें, 4) धार्मिक अनुष्ठान में जरूरत के अनुसार कटौती करें, 5) स्थानीय नियम और पर्यावरण विकल्प देखें।

सादा अंतिम संस्कार का उद्देश्य है सम्मान और शांति—बिना अनावश्यक खर्च, बिना दिखावे। यदि आपको तैयारी में मदद चाहिए तो स्थानीय धार्मिक नेता या समाज सेवक से संपर्क करें। एक सरल योजना से परिवार को मानसिक शांति मिलती है और अंतिम विदाई अधिक सन्मानजनक बनती है।

88 साल की उम्र में Pope Francis का cerebral stroke के कारण निधन हो गया। वेटिकन में सादा अंतिम संस्कार तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। उनके जाने के बाद 'sede vacante' की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। कार्डिनल्स अगले 20 दिनों में नए पोप का चुनाव करेंगे।