क्या आपका स्कूल सरकारी योजनाओं का पूरा फायदा उठा रहा है? समग्र शिक्षा अभियान (Samagra Shiksha) स्कूल शिक्षा का एक व्यापक प्रयास है जो प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक बच्चों की पहुँच और शिक्षा गुणवत्ता सुधारने पर काम करता है। यह सिर्फ फंड देने की योजना नहीं है — पढ़ाई के माहौल, शिक्षकों की ट्रेनिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर और शामिल करने वाली नीतियों पर भी जोर देता है।
समग्र शिक्षा अभियान में कुछ प्रमुख हिस्से होते हैं: स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर (क्लासरूम, शौचालय, पेयजल), शिक्षकों का प्रशिक्षण और कैपेसिटी बिल्डिंग, स्कूली सामग्री और इनक्लूसिव एजुकेशन (विशेष ज़रूरतों वाले बच्चों के लिए सहायक सुविधाएँ)। साथ ही, डिजिटल क्लासरूम और यूनीफाइड डेटाबेस जैसे UDISE+ के ज़रिए डेटा से फैसले लिए जाते हैं।
सरकार राज्य और केंद्र मिलकर फंड देती है; प्रोजेक्ट की निगरानी स्थानीय स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) और जिला/राज्य शिक्षा विभाग करते हैं। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ती है — बशर्ते स्थानीय लोग भी सक्रिय हों।
यदि आप पिता/माता हैं तो अपने बच्चे के स्कूल से ये बातें पूछें: क्या स्कूल ने समग्र शिक्षा के तहत मिलने वाले संसाधन लिए हैं? क्या स्कूल में लाइब्रेरी, साफ-सफाई और सुरक्षा के मानक हैं? स्कूल के मासिक पड़े-लिखते रिकॉर्ड और UDISE+ में दर्ज जानकारी की कॉपी माँगें — इससे पता चलता है कि स्कूल किस सहायता का दावा कर रहा है।
शिक्षक के रूप में ट्रेनिंग के अवसर देखें। समग्र शिक्षा के तहत सरकार अक्सर ट्रेनिंग सत्र और ऑनलाइन कोर्स देती है। इनको लेने से क्लास मैनेजमेंट और रेमेडियल टीचिंग में मदद मिलती है। संस्थागत प्रक्रियाओं में भाग लें और SMC मीटिंग में सक्रिय रहें — आपकी आवाज़ बदलाव करती है।
स्कूल प्रशासन को चाहिए कि वे फंड की पारदर्शिता रखें, बचत और खर्च का हिसाब समुदाय के साथ साझा करें और छोटे-छोटे सुधारों पर फोकस करें — जैसे क्लासरूम का पेंट, बुनियादी लाइब्रेरी या डिजिटल स्क्रीन।
अगर आपको लगे कि कोई सुविधा नहीं मिल रही या फंड का दुरुपयोग हो रहा है, तो राज्य समग्र शिक्षा पोर्टल या जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत दर्ज कराएँ। कई राज्यों में हॉटलाइन और ऑनलाइन grievance पेज होते हैं — उसका उपयोग करें।
अंत में, समग्र शिक्षा अभियान का लाभ तभी मिलता है जब समुदाय, शिक्षक और प्रशासन मिलकर काम करें। आप शुरुआत में सिर्फ एक छोटा कदम उठा कर—SMC में शामिल होकर या एक सवाल पूछकर—अपने स्कूल की तस्वीर बदल सकते हैं। इस टैग पेज पर हम इसी योजना से जुड़ी ताज़ा खबरें, اتجاه और लोकल अपडेट देत रहेंगे। पढ़ते रहिए और अपने स्कूल के लिए पूछताछ करते रहिए।
बजट 2024 में शिक्षा के लिए आवंटन और शिक्षा विदों की अपेक्षाएं चर्चा का मुख्य विषय है। समग्र शिक्षा अभियान के लिए 37,500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.76% अधिक है। वहीं, आईआईटी के लिए आवंटन में कमी आई है। शिक्षा विदों का कहना है कि शिक्षा पर अधिक खर्च होना चाहिए, जिससे अनेक चुनौतियाँ हल की जा सकें।