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संत पेत्रुस बासिलिका: वेटिकन का दिल और यात्रा के जरूरी टिप्स

क्या आप जानते हैं कि सेंट पेत्रुस बासिलिका दुनिया के सबसे बड़े चर्चों में से एक है और इसका गुंबद माइकैलएंजेलो ने डिजाइन किया था? अगर आप रोम जा रहे हैं तो यह जगह सिर्फ तस्वीरों की नहीं — यहाँ की वास्तुकला, इतिहास और माहौल सीधे असर करते हैं। नीचे वह सब कुछ है जो असल में काम आएगा जब आप बासिलिका देखना चाहें।

क्यों जाना चाहिए और क्या खास मिलेगा

बासिलिका में विशाल पियाज़ा (Bernini द्वारा बनाई गई), सेंट पीटर का मकबरा, और माइकैलएंजेलो का गुंबद हैं। अंदर से आप पोप के मुख्य वेदी के नीचे सेंट पीटर की कब्र तक का रास्ता पा सकते हैं। मूर्तियाँ, मोज़ाइक और बारोक कला देखने लायक हैं। स्पीलबर्ग जैसी कोई बात नहीं, पर हर कोना इतिहास बयां करता है।

व्यवहारिक सुझाव — टिकट, समय और भीड़

बासिलिका में प्रवेश आम तौर पर मुफ्त होता है, लेकिन सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ता है। गुंबद (डोम) पर चढ़ने के लिए अलग टिकट चाहिए; आपको लिफ्ट और फिर सीढ़ियाँ चुननी होती हैं। भीड़ कम करने के लिए सबसे अच्छा वक्त सुबह जल्दी (खुलते ही) या शाम के देर समय का है। वेटिकन म्यूज़ियम और सिस्टिन चैपल अलग टिकट पर हैं — अगर दोनों देखना है तो पहले म्यूज़ियम की ऑनलाइन टिकट ले लें।

ड्रेस कोड का ध्यान रखें: कंधे और घुटने ढक कर रखें। सुरक्षा कारणों से बैग चेक और मेटल डिटेक्टर होते हैं। पोप की ऑडियन्स (अगर चल रही हो) बुधवार को होती है — इसमें मुफ्त प्रवेश है पर पास चाहिए, जो स्विस गार्ड से मिलता है या ऑनलाइन रिज़र्व कराया जा सकता है।

फोटोग्राफी ज्यादातर हिस्सों में अनुमति है पर चर्च के कुछ हिस्सों में फ्लैश और ट्राइपॉड बंद हो सकते हैं। अंदर ध्यान से चलें — यह अभी भी पूजा और रीति-रिवाज का स्थान है।

ट्रैवल टिप्स: आस-पास के कस्बे से पैदल आना आसान है अगर आप रोम के केंद्र में हैं। बैंक कार्ड मान्य हैं पर छोटे कैफे और स्मॉल शॉप पर कैश भी साथ रखें। भीड़ और चोरियों से बचने के लिए सामान पर नजर रखें।

यदि आप क्लाइमिंग करते हैं तो ऊँचाई और सीढ़ियों के लिए तैयार रहें — नज़ारे शानदार होते हैं पर सीढ़ियाँ संकीर्ण हैं। परिवार के बुज़ुर्गों के लिए बासिलिका की भीतरी मंज़िलें व्हीलचेयर फ्रेंडली हैं, पर गुंबद की चढ़ाई हर किसी के लिए नहीं होती।

स्टैक करने वाले अनुभव: सुबह बासीलीका, फिर पियाज़ा में बैठ कर कॉफी और उसके बाद कास्टेल सेंट एंजेलो की सैर कर लें — सब पास-पास है। सही समय और थोड़ा प्लानिंग कर लें तो भीड़ से बचेंगे और फोटो भी अच्छे आएंगे।

आखिर में, यह जगह सिर्फ देखने की नहीं — महसूस करने की है। थोड़ा धैर्य रखें, लाइनें होंगी पर जब आप गुंबद से वेटिकन और रोम का नज़ारा देखेंगे तो यही सब मोल लेगा।

88 साल की उम्र में Pope Francis का cerebral stroke के कारण निधन हो गया। वेटिकन में सादा अंतिम संस्कार तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। उनके जाने के बाद 'sede vacante' की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। कार्डिनल्स अगले 20 दिनों में नए पोप का चुनाव करेंगे।