अगर आप मिसाइल रक्षा के बारे में सोच रहे हैं तो THAAD (Terminal High Altitude Area Defense) नाम अक्सर सुनाई देता है। ये एक अमेरिकी मोबाइल एंटी-बैलेस्टिक सिस्टम है जो उच्च ऊँचाई पर आ रहे बैलिस्टिक मिसाइल के वारहेड को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है। सीधे शब्दों में: यह दुश्मन की मध्य-या अंतिम चरण की मिसाइल को हिट-टू-किल तकनीक से बेअसर करता है।
THAAD का काम तीन मुख्य घटकों से होता है — रडार, थर्ड-पार्टी कमांड और इंटरसेप्टर मिसाइल। इसका AN/TPY-2 रडार दूर से incoming missile को पकड़ता है और ट्रैक करता है। कंट्रोल सेंटर ट्रैकिंग डेटा का इस्तेमाल कर इंटरसेप्टर को लॉन्च करने का निर्णय लेता है। इंटरसेप्टर स्वयं विस्फोट नहीं करता; वह सीधे लक्ष्य को टकरा कर खत्म कर देता है — इसे 'हिट-टू-किल' कहते हैं।
यह सिस्टम मोबाइल है, यानी ट्रक पर इंस्टॉल करके तेजी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। उच्च ऊँचाई पर इंटरसेप्शन होने से जमीन पर मलबे का असर कम रहता है — यही एक बड़ा फायदा है।
फायदे साफ हैं: तेज प्रतिक्रिया, उच्च सफलता दर (कई मामलों में हासिल किया गया), और मोबाइल डिप्लॉयमेंट। थर्ड पार्टी नेटवर्क से डेटा शेयर कर यह अन्य एयर डिफेंस सिस्टम के साथ जुड़ सकता है।
सीमाएँ भी हैं। THAAD महंगा है — क्लस्टर पर रखरखाव और लॉजिस्टिक्स की लागत भी जोड़ें। बहुत बड़े पैमाने पर सटे हुए हमले (saturation attacks) को रोकना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा, केवल उच्च-ऊँचाई वाले वारहेड पर असर मिलता है; कम-ऊँचाई वाले और टोही ड्रोन अलग चुनौतियाँ हैं। राजनीतिक और क्षेत्रीय प्रतिक्रिया भी अहम है — किसी देश में THAAD की तैनाती पड़ोसियों के लिए चिंता बन सकती है और कूटनीतिक तनाव पैदा कर सकती है।
कहाँ तैनात हुआ है? दक्षिण कोरिया, ग्वाम और कुछ मध्य-पूर्वी देशों में इस तरह के सिस्टम की तैनाती हुई है या उनकी खरीदारी की गई है। इन तैनातियों ने क्षेत्रीय सहमति और सुरक्षा संतुलन पर चर्चा बढ़ा दी।
क्या भारत के लिए फिट होगा? यह प्रश्न तकनीकी, भू-राजनीतिक और आर्थिक तीनों तरह का है। भारत की भौगोलिक चुनौतियाँ अलग हैं—भारी दुश्मन इन्फ्रास्ट्रक्चर, विविध गति की खतरनाक मिसाइलें और लंबे सरहद। THAAD को किसी वर्तमान एयर डिफेंस नेटवर्क के साथ जोड़ने और लागत-लाभ देखने की जरूरत होगी। भारत पहले से लेयर्ड डिफेंस की दिशा में काम कर रहा है, इसलिए निर्णय सिर्फ तकनीक देख कर नहीं लिया जाता; रणनीतिक व राजनीतिक पहलू भी मायने रखते हैं।
अगर आप इस टैग को फॉलो कर रहे हैं तो हम THAAD से जुड़ी ताज़ा खबरें, तैनाती अपडेट और विशेषज्ञ टिप्पणियाँ लाते रहेंगे। सवाल है? नीचे कमेंट में पूछें — हम सरल भाषा में जवाब देंगे।
अमेरिका ने इजराइल में THAAD मिसाइल रक्षा प्रणाली और सैनिकों की तैनाती की है, जो क्षेत्र में उसकी सहभागिता को बढ़ाता है। यह कदम इजराइल और ईरान के बीच बढ़ती तनाव के बीच आया है। THAAD प्रणाली बैलिस्टिक मिसाइलों को उनकी अंतिम अवस्था में नष्ट करने में सक्षम है। यह तैनाती अमेरिका और इजराइल के बीच गहरे सैन्य सहयोग को दर्शाती है।