जब कोई विमान दुर्घटना, एक ऐसी घटना जिसमें हवाई जहाज़ नियंत्रण खो देता है और घातक परिणाम होते हैं. इसे हवाई दुर्घटना भी कहते हैं, और ये आमतौर पर तकनीकी खामी, मानवीय गलती या मौसम के कारण होती हैं। भारत में इन दुर्घटनाओं की वजह से सैकड़ों लोगों की जान चली गई है, और हर बार ये घटना हवाई यातायात की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर देती है।
इन दुर्घटनाओं के पीछे कई बार एक ही कारण छिपा होता है—मानवीय गलती, पायलट, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर या मेन्टेनेंस स्टाफ की गलत निर्णय लेने की आदत. कभी-कभी ये गलती छोटी लगती है—जैसे फ्यूल कम भर देना या इंजन की जाँच न करना—लेकिन इसका असर भयानक होता है। दूसरा बड़ा कारण है मौसम, तूफान, बारिश, धुंध या अचानक हवाओं का बदलना, जो विमान को उतारने या उड़ाने में असमर्थ बना देता है। अक्सर ये दोनों कारण एक साथ मिल जाते हैं।
भारत में कई बड़ी विमान दुर्घटनाएँ हुई हैं—1996 में चेन्नई में एयर इंडिया का विमान गिरा, 2020 में तमिलनाडु में एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान रनवे से बाहर निकल गया, और 2022 में कोयम्बटूर में एक विमान जमीन पर आग के गोले बन गया। इन सबके बाद भारतीय नियामक ने विमान निरीक्षण को कड़ा कर दिया, लेकिन अभी भी कई बार बेहतर नियमों को लागू करने में देर हो जाती है।
अगर आप इन दुर्घटनाओं के बारे में जानना चाहते हैं, तो यहाँ आपको ऐसी ही घटनाओं की विस्तृत रिपोर्ट मिलेगी—जिनमें क्या हुआ, किसकी गलती थी, और उसके बाद क्या बदलाव हुए। आपको यहाँ बस ताज़ा खबरें नहीं, बल्कि उनके पीछे का पूरा नक्शा भी मिलेगा।
दुबई एयर शो 2025 में भारतीय वायु सेना का तेजस विमान एयरोबेटिक मैन्यूवर के दौरान क्रैश हो गया, जिसमें पायलट विंग कमांडर नमन सियाल की मौत हो गई। यह तेजस के 24 साल के इतिहास में दूसरी दुर्घटना है।