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देवरिया में शिवराज सिंह चौहान ने खोला कृषि मेला, MSP और प्राकृतिक खेती पर दिया जोर
मई 25, 2026
के द्वारा प्रकाशित किया गया rabindra bhattarai

किसानों की आय बढ़ाने और धरती की सेहत को बचाने का एक साथ संदेश लेकर शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री पहुंचे देवरिया। उत्तर प्रदेश के इस जिले में आयोजित दो दिवसीय कृषि मेले का उद्घाटन करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अब किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाने के लिए नई न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित कर चुकी है। यह कार्यक्रम सिर्फ एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि यह स्वर्गीय रविंद्र किशोर शाही की 43वीं पुण्यतिथिदेवरिया, उत्तर प्रदेश के अवसर पर आयोजित एक विस्तृत जनसेवा अभियान था।

आइए बात करें उस माहौल की जहां राजनीति, कृषि और जनकल्याण मिलकर एक तस्वीर बना रहे थे। आचार्य नरेंद्र देव इंटर कॉलेज, पथरदेवा के विशाल मैदान में हंगामा था। एक तरफ दीप प्रज्ज्वलित होकर कार्यक्रम की शुरुआत हुई, तो दूसरी तरफ स्वास्थ्य शिविर और प्रदर्शनी ने दिखाया कि ग्रामीण विकास अब सिर्फ कागज़ों तक सीमित नहीं रहा। यहाँ की मिट्टी से जुड़े लोगों के लिए यह दिन विशेष था क्योंकि केंद्र और राज्य दोनों स्तर के नेताओं ने एक ही छत के नीचे बैठकर किसानों की समस्याओं पर चर्चा की।

नई MSP और प्राकृतिक खेती: किसानों को मिला क्या संदेश?

सबसे बड़ी चर्चा थी 'नई MSP' की। जब मंत्री जी ने कहा, "किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिले, इसके लिए हमने नई MSP घोषित की है," तो भीड़ में जोश साफ़ महसूस हुआ। लेकिन रुकिए, कहानी यहीं खत्म नहीं होती। चौहान ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए एक और महत्वपूर्ण मुद्दे पर जोर दिया—प्राकृतिक खेती। उनका तर्क सरल था: अगर हम अगली पीढ़ियों के लिए धरती और मिट्टी की सुरक्षा करना चाहते हैं, तो रासायनिक खादों से हटकर प्राकृतिक तरीकों को अपनाना होगा।

यह कोई नई बात नहीं है, लेकिन इसे केंद्रीय मंत्री द्वारा इतने जोश के साथ उठाया जाना रोचक है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्राकृतिक खेती शुरू में थोड़ी मेहनत मांगती है, लेकिन लंबे समय में यह लागत कम करती है और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखती है। देवरिया जैसे क्षेत्रों में जहां जलवायु बदलाव के असर दिखने लगे हैं, यह संदेश और भी प्रासंगिक बन जाता है।

कार्यक्रम में उपस्थित हस्तियां और राजनीतिक संदर्भ

इस कार्यक्रम में उपस्थिति देखकर लगता था कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और कृषि नीति पर गहरा ध्यान दिया जा रहा है। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान और उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी मौजूद थे। देवरिया के सांसद शशांक मणि त्रिपाठी और कुशीनगर के सांसद विजय कुमार दुबे ने स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की। वहीं, सदर विधायक शलभ मणि और भाजपा के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

रोचक बात यह रही कि YouTube पर उपलब्ध वीडियो फुटेज में एक वक्ता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार को 'जनता के आशीर्वाद से बनी सरकार' कहा। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह कार्यक्रम केवल केंद्र की पहल नहीं थी, बल्कि राज्य सरकार के सहयोग से संचालित एक सामूहिक प्रयास था। राजनीतिक विरोधी आलोचनाएं चाहे जो भी हों, ऐसे कार्यक्रमों में आम जनता और किसानों की उपस्थिति बताती है कि वे इन वादों और योजनाओं से जुड़े हुए हैं।

स्वास्थ्य शिविर और प्रदर्शनी: विकास का दूसरा पहलू

स्वास्थ्य शिविर और प्रदर्शनी: विकास का दूसरा पहलू

कृषि के साथ-साथ स्वास्थ्य और शिक्षा को भी इस कार्यक्रम में शामिल किया गया। स्वास्थ्य शिविर का आयोजन इसलिए किया गया क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच अभी भी एक चुनौती है। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मी ने किसानों और स्थानीय नागरिकों को निःशुल्क जांच और सलाह दी।

प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों द्वारा लाए गए नए उपकरण और तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। छात्रों की भीड़ देखकर लगता था कि युवा पीढ़ी भी कृषि तकनीक में रुचि ले रही है। आचार्य नरेंद्र देव इंटर कॉलेज के परिसर में यह दृश्य काफी प्रेरणादायी था।

अगले कदम: किसानों के लिए क्या है भविष्य?

अगले कदम: किसानों के लिए क्या है भविष्य?

अब सवाल यह है कि ये घोषणाएं जमीन पर कैसे उतरेंगी? नई MSP की घोषणा का लाभ किस प्रकार के फसलों को मिलेगा? प्राकृतिक खेती के लिए क्या किसानों को प्रशिक्षण और वित्त पोषण मिलेगा? ये सभी सवाल किसानों के मन में हैं। सरकार को अब इन नीतियों को लागू करने के ठोस कदम उठाने होंगे। देवरिया के इस मेले ने एक दिशा निर्धारित की है, लेकिन रास्ता अभी बाकी है।

Frequently Asked Questions

देवरिया में आयोजित कृषि मेले का मुख्य उद्देश्य क्या था?

इस मेले का मुख्य उद्देश्य स्वर्गीय रविंद्र किशोर शाही की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करना, किसानों को नई MSP की जानकारी देना और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता फैलाना था। साथ ही स्वास्थ्य शिविर और प्रदर्शनी के जरिए ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।

क्या किसानों को नई MSP का लाभ तुरंत मिलेगा?

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई MSP घोषित करने की जानकारी दी है, लेकिन इसका कार्यान्वयन और किसानों तक लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है। इसमें खरीफ और रबी फसलों के अनुसार अलग-अलग योजनाएं तैयार की जाती हैं।

प्राकृतिक खेती क्यों जरूरी है?

प्राकृतिक खेती मिट्टी की उर्वरता बनाए रखती है और रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करती है। यह दीर्घकालिक रूप से उत्पादन लागत घटाती है और पर्यावरण के लिए हानिकारक रसायनों का उपयोग कम करके आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ भूमि सुनिश्चित करती है।

इस कार्यक्रम में कौन-कौन से महत्वपूर्ण व्यक्ति उपस्थित थे?

इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान, UP कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद शशांक मणि त्रिपाठी और विजय कुमार दुबे सहित कई अन्य नेता और अधिकारी उपस्थित थे।

rabindra bhattarai

लेखक :rabindra bhattarai

मैं पत्रकार हूं और मैं मुख्यतः दैनिक समाचारों का लेखन करता हूं। अपने पाठकों के लिए सबसे ताज़ा और प्रासंगिक खबरें प्रदान करना मेरा मुख्य उद्देश्य है। मैं राष्ट्रीय घटनाओं, राजनीतिक विकासों और सामाजिक मुद्दों पर विशेष रूप से ध्यान देता हूं।
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